संसद के मानसून सत्र के पहले दिन दिल्ली में प्रस्तावित संसद मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के बीच तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। Sansad Marg की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा बलों ने रोक दिया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठियों का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबर है, जिन्हें मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, Mandi House Metro Station से Jantar Mantar की ओर मार्च कर रहे सैकड़ों छात्रों और युवा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच धक्का-मुक्की और तनाव की स्थिति बन गई।
बताया गया कि प्रदर्शनकारियों को Raisina Road के पास, संसद से करीब 200 मीटर पहले रोक दिया गया। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
इस बीच Cockroach Janta Party (CJP) ने दावा किया कि उसके प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री JP Nadda से मुलाकात की। प्रतिनिधियों ने उन्हें एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk को तत्काल अस्पताल से रिहा करने सहित अन्य मांगें रखी गईं।
सुरक्षा कारणों से Delhi Metro ने संसद मार्च से पहले पांच मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। बाद में Central Secretariat और Rajiv Chowk मेट्रो स्टेशनों के गेट खोल दिए गए और इंटरचेंज सुविधा भी बहाल कर दी गई।
संसद और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई। प्रशासन ने लोगों से यातायात सलाह का पालन करने और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है।
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