अपना राज्य चुनें
JIO के सैटेलाइट इंटरनेट प्रोजेक्ट को मिली बड़ी मंजूरी, भारत के पहले स्वदेशी LEO नेटवर्क की ओर बढ़ा कदम
बिज़नेस 7 7 hours ago

रिलायंस जियो को अपने महत्वाकांक्षी सैटेलाइट इंटरनेट प्रोजेक्ट के लिए बड़ी सफलता मिली है। भारत की स्पेस रेगुलेटरी एजेंसी IN-SPACe ने जियो की करीब 1,600 लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट्स तैनात करने की योजना को तकनीकी रूप से उपयुक्त और मजबूत माना है।

इस मंजूरी के बाद जियो अब इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (ITU) के माध्यम से ऑर्बिटल स्लॉट और अंतरराष्ट्रीय अधिकार हासिल करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकेगी। कंपनी का लक्ष्य भारत का पहला बड़े पैमाने का स्वदेशी सैटेलाइट ब्रॉडबैंड नेटवर्क विकसित करना है।

जियो के प्रस्तावित नेटवर्क की क्षमता 4.5 से 5 टेराबिट प्रति सेकंड (Tbps) होगी। यह क्षमता भारत में Starlink के स्वीकृत 600 गीगाबिट प्रति सेकंड (Gbps) और Amazon Project Kuiper के प्रस्तावित 3 Tbps नेटवर्क से अधिक बताई जा रही है।

कंपनी देशभर में 20 से 22 ग्राउंड स्टेशन स्थापित करने की योजना पर भी काम कर रही है। इस नेटवर्क के जरिए फिक्स्ड ब्रॉडबैंड, मोबाइल सैटेलाइट सर्विस, डायरेक्ट-टू-डिवाइस कनेक्टिविटी और एंटरप्राइज नेटवर्क जैसी आधुनिक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

हालांकि, सैटेलाइट नेटवर्क लॉन्च करने से पहले जियो को ITU से ऑर्बिटल अधिकार, अन्य अंतरराष्ट्रीय समन्वय और भारत में आवश्यक नियामकीय मंजूरियां प्राप्त करनी होंगी। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद भारत को अपना पहला स्वदेशी LEO सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क मिल सकता है।

अन्य खबरें खबरें और भी हैं...