मध्य प्रदेश में मानसून का इंतजार इस बार थोड़ा लंबा हो सकता है। मौसम विभाग और मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री पिछले वर्ष की तुलना में लगभग एक सप्ताह देरी से होने की संभावना है। अनुमान है कि मानसून जून के तीसरे सप्ताह में मध्य प्रदेश पहुंचेगा।
गौरतलब है कि वर्ष 2025 में मानसून ने 16 जून को राज्य में प्रवेश किया था। वहीं, 2024 में मानसून 21 जून और 2023 में 24 जून को मध्य प्रदेश पहुंचा था। इस बार भी इसी तरह जून के तीसरे सप्ताह में मानसून की दस्तक की संभावना जताई जा रही है।
मौसम विभाग का कहना है कि अभी मानसून के आगमन की सटीक तारीख बताना जल्दबाजी होगी, लेकिन मौजूदा परिस्थितियां तीसरे सप्ताह में इसके पहुंचने की ओर संकेत कर रही हैं। फिलहाल राज्य में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी। आने वाले दिनों में कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, जून के दूसरे सप्ताह में प्री-मानसून गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है। इसके बाद मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगा।
लगातार दो वर्षों तक सामान्य से अधिक बारिश दर्ज करने के बाद इस बार मध्य प्रदेश में मानसून कमजोर रह सकता है। वर्ष 2025 में राज्य में 1,148.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी, जबकि सामान्य औसत 949.5 मिमी है। यानी पिछले वर्ष राज्य में सामान्य से 21 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई थी।
हालांकि इस बार मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि राज्य में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। यदि ऐसा होता है तो इसका असर कृषि गतिविधियों और जल संसाधनों पर पड़ सकता है।
किसानों और आम नागरिकों की नजर अब मानसून की प्रगति पर टिकी हुई है, क्योंकि खरीफ सीजन की तैयारियां भी बारिश के आगमन पर निर्भर करती हैं।
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