22 जून को होने वाली NEET की पुनः परीक्षा से पहले पेपर लीक रोकने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। इसी क्रम में Telegram पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने की बात सामने आई है, जिसे लेकर देशभर में चर्चा तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ने यह फैसला उन आरोपों के बाद लिया है जिनमें कहा गया कि परीक्षा से जुड़े लीक हुए प्रश्नपत्र इसी प्लेटफॉर्म पर साझा किए जा रहे थे। भारत में टेलीग्राम के 15 करोड़ से ज्यादा यूजर्स बताए जाते हैं।
इस मामले पर टेलीग्राम के CEO Pavel Durov ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कदम गलत है क्योंकि इससे करोड़ों आम यूजर्स प्रभावित होंगे, जबकि असली जिम्मेदार कुछ ही लोग हैं। उन्होंने दावा किया कि कंपनी ने पहले ही लीक से जुड़े सैकड़ों चैनलों को हटा दिया है।
ड्यूरोव ने यह भी कहा कि टेलीग्राम पर “एडिटेड” लेबल को और स्पष्ट करने पर काम किया जा रहा है ताकि पुराने कंटेंट को लेकर होने वाली गड़बड़ियों को रोका जा सके। उनके अनुसार, पूरे प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाना उचित समाधान नहीं है।
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