भारत के दिग्गज उद्योगपति Anil Agarwal की कंपनी Vedanta Limited ने अपने बिजनेस स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव करने का ऐलान किया है। कंपनी ने अपने कारोबार को पांच अलग-अलग हिस्सों में बांटने (डीमर्जर) का फैसला लिया है, जिससे निवेशकों को अलग-अलग सेक्टर में निवेश करने का मौका मिलेगा।
वेदांता लिमिटेड अपने मुख्य बिजनेस को अलग-अलग कंपनियों में विभाजित करने जा रही है। इस डीमर्जर के तहत निम्न सेक्टर अलग-अलग इकाइयों में बदलेंगे:
इस कदम का उद्देश्य हर बिजनेस यूनिट को स्वतंत्र बनाना है ताकि वे अपनी रणनीति के अनुसार तेजी से ग्रो कर सकें।
कंपनी ने इस डीमर्जर के लिए 1 मई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। इसका मतलब यह है कि 29 अप्रैल 2026 तक जिन निवेशकों के पास वेदांता के शेयर होंगे, उन्हें नई बनने वाली कंपनियों के शेयर भी मिलेंगे।
यह निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर माना जा रहा है, क्योंकि अब वे अलग-अलग सेक्टर में सीधे निवेश कर सकेंगे और अपने पोर्टफोलियो को बेहतर तरीके से डाइवर्सिफाई कर पाएंगे।
कंपनी का कहना है कि इस डीमर्जर से:
वेदांता का एलुमिनियम बिजनेस इस समय कंपनी की सबसे मजबूत यूनिट माना जा रहा है। कंपनी लगातार अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ा रही है, जिससे इस सेगमेंट में भविष्य की ग्रोथ की संभावनाएं और मजबूत हो रही हैं।
इस बड़े फैसले का असर शेयर बाजार में भी देखने को मिला है। हाल ही में वेदांता का शेयर करीब ₹767 पर बंद हुआ है और पिछले एक साल में इसमें शानदार तेजी दर्ज की गई है।
अब निवेशकों और मार्केट एक्सपर्ट्स की नजर इस डीमर्जर पर टिकी हुई है, जो आने वाले समय में बड़ा वैल्यू क्रिएशन कर सकता है।
वेदांता लिमिटेड का यह डीमर्जर प्लान कंपनी और निवेशकों दोनों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। जहां कंपनी को बेहतर मैनेजमेंट और फोकस मिलेगा, वहीं निवेशकों को अलग-अलग सेक्टर में निवेश के नए अवसर मिलेंगे।
खबरें और भी हैं...