FIFA World Cup 2026 में भले ही भारतीय फुटबॉल टीम हिस्सा नहीं ले रही हो, लेकिन भारतीय मूल के चार खिलाड़ी दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट में अपनी-अपनी राष्ट्रीय टीमों का प्रतिनिधित्व करते नजर आएंगे। पंजाब, केरल और तमिल समुदाय से जुड़े इन खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन के दम पर विश्व कप का टिकट हासिल किया है।
न्यूजीलैंड के स्टार मिडफील्डर सरप्रीत सिंह भारतीय मूल के सबसे चर्चित फुटबॉलरों में से एक हैं। ऑकलैंड में जन्मे सरप्रीत का परिवार पंजाब के जालंधर से जुड़ा है। उन्होंने 2019 में बायर्न म्यूनिख के साथ करार कर सुर्खियां बटोरी थीं और वर्तमान में सर्बियाई क्लब टीएससी के लिए खेलते हैं।
केरल मूल के माता-पिता के बेटे तहसीन मोहम्मद जमशीद कतर के उभरते हुए युवा स्टार हैं। 19 वर्षीय विंगर अल दुहैल क्लब के लिए खेलते हैं और 2024 में कतर की सीनियर टीम के लिए पदार्पण कर चुके हैं।
सैमुअल माउटूसामी की भारतीय जड़ें तमिल मूल के इंडो-ग्वाडेलूप समुदाय से जुड़ी हैं। अनुभवी मिडफील्डर डीआर कांगो की टीम के अहम खिलाड़ी हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 50 से ज्यादा मैच खेल चुके हैं।
ऑस्ट्रेलिया के तेजतर्रार विंगर निशान वेलुपिल्लई के पिता श्रीलंकाई तमिल मूल के हैं, जबकि उनकी मां एंग्लो-इंडियन हैं। उन्होंने 2024 में ऑस्ट्रेलिया के लिए डेब्यू करते हुए पहले ही मैच में गोल दागा था।
भारत अब भी अपने पहले FIFA World Cup की प्रतीक्षा कर रहा है, लेकिन 2026 विश्व कप में भारतीय मूल के ये चार खिलाड़ी फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर अपनी छाप छोड़ने के लिए तैयार हैं। भारतीय फुटबॉल प्रेमियों के लिए इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन खास आकर्षण रहेगा
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