Iran और America के बीच बढ़ते तनाव का असर अब अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। Middle East में जारी तनाव के बीच Crude Oil की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। Brent Crude 97 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जबकि WTI करीब 93 डॉलर प्रति बैरल तक बताया जा रहा है।
तेल की कीमतों में इस तेजी से आने वाले समय में महंगाई का दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। Crude Oil महंगा होने का असर Transport, Manufacturing और कई अन्य क्षेत्रों की लागत पर पड़ सकता है।
Donald Trump ने तेल और गैस की कीमतों पर किया बड़ा दावा
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने तेल और गैस की कीमतों को लेकर बड़ा दावा किया है। Trump का कहना है कि Iran के साथ युद्ध में America की जीत के बाद तेल की कीमतों में भारी गिरावट आएगी।
उन्होंने दावा किया कि गैस की कीमत करीब 3 डॉलर प्रति गैलन तक आ सकती है और आगे चलकर यह 2 डॉलर से भी नीचे जा सकती है। Trump ने यह भी कहा कि Iran को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा और यह सब जल्द होगा।
Iran में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी
दूसरी ओर, आर्थिक संकट से जूझ रहे Iran में बड़े गैस उपभोक्ताओं के लिए ईंधन महंगा कर दिया गया है। तय मासिक कोटे से अधिक ईंधन खरीदने वालों के लिए कीमत करीब दोगुनी किए जाने की बात सामने आई है।
इस तरह एक तरफ Donald Trump तेल और गैस की कीमतों में गिरावट की संभावना जता रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ Iran में अतिरिक्त ईंधन खरीदने वालों पर कीमतों का बोझ बढ़ गया है।
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर
Middle East में तनाव अगर लंबे समय तक जारी रहता है और Crude Oil की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। भारत जैसे बड़े Oil Importing देश में महंगा Crude Oil Import Bill, Transport Cost और महंगाई के दबाव को प्रभावित कर सकता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि Iran-America तनाव और Middle East की स्थिति आने वाले दिनों में तेल की कीमतों को किस दिशा में ले जाती है और इसका असर आम लोगों की जेब पर कितना पड़ता है।
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