आज रात आसमान में स्ट्रॉबेरी मून दिखाई देगा, जिसे इस साल की सबसे चर्चित खगोलीय घटनाओं में से एक माना जा रहा है। यह केवल एक खूबसूरत पूर्णिमा नहीं, बल्कि प्रकृति, विज्ञान और परंपरा का अनोखा संगम भी है।
खगोलविदों के अनुसार, इस बार पूर्णिमा का चंद्रमा क्षितिज के काफी करीब नजर आएगा। इसी वजह से यह सुनहरे, नारंगी या हल्के लाल रंग का दिखाई दे सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक रंग स्ट्रॉबेरी जैसा गुलाबी नहीं होता। यह प्रभाव पृथ्वी के वायुमंडल और चंद्रमा की स्थिति के कारण दिखाई देता है।
नासा के अनुसार, “स्ट्रॉबेरी मून” नाम उत्तरी अमेरिका की अल्गोंक्विन जनजाति ने दिया था। जून के महीने में स्ट्रॉबेरी की फसल पकने के समय आने वाली पूर्णिमा को उन्होंने यह नाम दिया, जो बाद में दुनिया भर में प्रचलित हो गया।
खगोल प्रेमियों के लिए यह नजारा बेहद खास माना जाता है। यदि मौसम साफ रहा, तो आज रात खुले आसमान में बिना किसी विशेष उपकरण के भी इस खूबसूरत पूर्णिमा को आसानी से देखा जा सकता है।
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