नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देशभर की 135 नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (Certificate of Registration) रद्द कर दिए हैं। RBI की इस कार्रवाई के बाद संबंधित कंपनियां अब नई वित्तीय गतिविधियां संचालित नहीं कर सकेंगी।
RBI के अनुसार यह कार्रवाई रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया एक्ट, 1934 की धारा 45-IA(6) के तहत की गई है। केंद्रीय बैंक ने बताया कि इन कंपनियों ने निर्धारित वित्तीय मानकों और नियामकीय नियमों का पालन नहीं किया, जिसके कारण उनके लाइसेंस रद्द किए गए।
रद्द किए गए लाइसेंस वाली कंपनियों में एक्सप्रेस फिनकैप हाउस लिमिटेड, अक्षय फिस्कल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, जुपिटर फिनवेस्ट प्राइवेट लिमिटेड, एसेल फाइनेंस बिजनेस लोन्स लिमिटेड और सिटीवाइड फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड जैसी कई कंपनियां शामिल हैं।
इसके अलावा, RBI की संभावित कार्रवाई से पहले 13 NBFCs ने स्वेच्छा से अपने लाइसेंस सरेंडर कर दिए। अब ये कंपनियां न तो जनता से नई जमा राशि स्वीकार कर सकती हैं और न ही किसी प्रकार के ऋण या अन्य वित्तीय उत्पाद उपलब्ध करा सकती हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, लाइसेंस रद्द होने से सबसे अधिक प्रभावित कंपनियां पश्चिम बंगाल और दिल्ली से हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले मई 2026 में भी RBI ने करीब 150 NBFCs के रजिस्ट्रेशन रद्द किए थे।
विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों ने किसी NBFC में निवेश किया है या जिनका वित्तीय लेन-देन ऐसी कंपनियों के साथ है, उन्हें तुरंत संबंधित कंपनी की वर्तमान स्थिति और RBI की आधिकारिक सूची की जांच करनी चाहिए। निवेश से पहले कंपनी की नियामकीय स्थिति और वित्तीय विश्वसनीयता की पुष्टि करना बेहद जरूरी है।
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