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India Open 2026: ‘जीत का कोई शॉर्टकट नहीं’ – पीवी सिंधु ने वापसी और बदलती बैडमिंटन चुनौतियों पर की खुलकर
अन्य खेल 177 3 months ago

नई दिल्ली: भारत की स्टार शटलर और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु (PV Sindhu) एक बार फिर घरेलू मैदान पर अपना जलवा बिखेरने के लिए तैयार हैं। चोटों से भरे 2025 के बाद, सिंधु ने इंडिया ओपन सुपर 750 (India Open Super 750) में भारतीय चुनौती का नेतृत्व करते हुए अपनी फॉर्म और भविष्य की योजनाओं पर रिका रॉय से खास बातचीत की।

मलेशिया ओपन के सेमीफाइनल तक पहुंचकर 2026 की शानदार शुरुआत करने वाली सिंधु अब अपने पुराने अंदाज में नजर आ रही हैं।

मलेशिया ओपन से मिली नई उम्मीद

अपनी फॉर्म पर बात करते हुए सिंधु ने कहा, “मलेशिया ओपन में सेमीफाइनल तक का सफर साल की एक सकारात्मक शुरुआत रही। नतीजे तुरंत नहीं मिलते, लेकिन आपको अपनी मेहनत और प्रक्रिया (Process) पर भरोसा करना होता है। कभी-कभी आप अच्छा खेलकर भी हार जाते हैं, लेकिन हर दिन नया होता है और मजबूती से वापसी करना ही असली खेल है।”

महिला सिंगल्स में अब ‘कोई भी मैच आसान नहीं’

बैडमिंटन के बदलते स्वरूप पर सिंधु ने तकनीकी बदलावों से ज्यादा धैर्य (Patience) पर जोर दिया। उन्होंने कहा:

“आज महिला सिंगल्स काफी बदल चुका है। रैलियां लंबी हो गई हैं, डिफेंस मजबूत हुआ है और मैच शारीरिक रूप से बहुत चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। आप किसी भी खिलाड़ी को हल्के में नहीं ले सकते, चाहे उसकी रैंकिंग कुछ भी हो। चोट के बाद वापसी के लिए धैर्य ही मेरी सबसे बड़ी ताकत रही है।”

इंडिया ओपन का महत्व और घरेलू दबाव

जब उनसे पूछा गया कि क्या सुपर 1000 टूर्नामेंटों के बीच होने से इंडिया ओपन की अहमियत कम होती है, तो सिंधु ने इसे सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी के लिए हर मैच और हर टूर्नामेंट बराबर मायने रखता है।

घरेलू मैदान पर भारतीय खिलाड़ियों के कम खिताब जीतने के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया, “घरेलू जमीन पर हर कोई जीतना चाहता है, लेकिन कभी-कभी दबाव या भाग्य साथ नहीं देता। इसका मतलब यह नहीं कि प्रदर्शन खराब है। खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ दे रहे हैं।”

2026 के बड़े लक्ष्य: वर्ल्ड चैंपियनशिप और एशियाई खेल

कॉमनवेल्थ गेम्स के न होने पर दुख जताते हुए सिंधु ने अपना ध्यान वर्ल्ड चैंपियनशिप और एशियन गेम्स पर केंद्रित किया है। उन्होंने खुशी जताई कि 17 साल बाद भारत फिर से वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी कर रहा है, जो भारतीय एथलीटों के लिए एक बड़ा मौका है।

शादी के बाद का नया सफर

अपनी निजी जिंदगी और खेल के बीच संतुलन पर सिंधु ने कहा, “शादी के बाद जीवन बहुत अच्छा चल रहा है। मुझे अपने पति और परिवार से जबरदस्त सपोर्ट मिल रहा है, जिससे मैं खेल और व्यक्तिगत जीवन के बीच सही तालमेल बिठा पा रही हूँ।”

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