जनवरी से 23 जुलाई के बीच लापता हुए 7,880 से अधिक लोगों का अबतक कोई सुराग नहीं मिल पाया हैइस वर्ष एक जनवरी से 23 जुलाई के बीच लापता हुए 7,880 से अधिक लोगों का अबतक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इनमें 4,753 महिलाएं और 3,133 पुरुष शामिल हैं। जनवरी से लेकर जुलाई महीने के बीच अब तक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से करीब 8 हजार लोग लापता हुए हैं जिनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।इस वर्ष एक जनवरी से 23 जुलाई के बीच लापता हुए 7,880 से अधिक लोगों का अबतक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इनमें 4,753 महिलाएं और 3,133 पुरुष शामिल हैं।
जनवरी से लेकर जुलाई महीने के बीच अब तक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से करीब 8 हजार लोग लापता हुए हैं जिनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। दिल्ली के बाहरी उत्तरी जिले में लापता होनेवाले लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है। यह जानकारी जोनल इंटीग्रेटेड पुलिस नेटवर्क (जिपनेट) के आंकड़ों से मिली है।
आंकड़ों के मुताबिक बाहरी उत्तरी दिल्ली जिले में गुमशुदगी के सबसे अधिक 908 मामले दर्ज किये गए हैं, जो बवाना, स्वरूप नगर और समयपुर बादली जैसे इलाकों के हैं। रिपोर्ट के मुताबिक नई दिल्ली जिले में लापता लोगों की संख्या सबसे कम 85 है. आंकड़ों के मुताबिक एक जनवरी से 23 जुलाई के बीच 1,486 शव अज्ञात लोगों के मिले जिनमें से अधिकांश पुरुषों के थे। आंकड़ों के अनुसार, उत्तरी जिले में सबसे अधिक 352 शव मिले जिनकी शिनाख्त स्थापित नहीं हो सकी.
खबरें और भी हैं...