ऑपरेशन सिंदूर में बच्चे ने की थी मदद, अब सेना उठाएगी पढ़ाई का खर्च
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना जब बॉर्डर पर पाकिस्तान के जवानों से लोहा ले रही थी, तब एक 10 साल का बालक भी उनका साथ दे रहा था. यह 10 साल का बच्चा अपनी जान की परवाह किये बिना देश के नायकों का दूसरे तरीके से मदद कर रहा था. वह जंग में गोली-बारूद टैंक से घिरे सेना के जवानों को दूध, लस्सी, चाय और बर्फ पहुंचा रहा था, ताकि हमारे जवान परेशान ना हो. अब सेना ने अपनी जान की परवाह ना करने वाले बच्चे की जिंदगी बदल दी है. सेना की पश्चिमी कमान ने हाल ही में घोषणा की है कि वह फिरोजपुर के 10 वर्षीय लड़के की शिक्षा का पूरा खर्च उठाएगी.
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