यूनियन कार्बाइड का 307 टन जहरीला कचरा पीथमपुर प्लांट में नष्ट हो चुका है। अब बचे हुए 899 टन राख को दिसंबर से नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू होगी। जबलपुर उच्च न्यायालय ने आज 3 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान के विशेषज्ञों को बुलाया है। कोर्ट विशेषज्ञों से तकनीकी प्रश्न करेगा – यूसीआईएल के कचरे को नष्ट करने से पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
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