अपना राज्य चुनें
नीरज चोपड़ा और जवलिन लेजेंड यान ज़ेलेज़नी की राहें हुईं जुदा: 90 मीटर का सपना पूरा कर खत्म हुआ कोचिंग
अन्य खेल 31 3 months ago

भारतीय खेल जगत से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा और भाला फेंक (Javelin Throw) की दुनिया के महानतम खिलाड़ी यान ज़ेलेज़नी (Jan Zelezny) ने अपनी कोचिंग पार्टनरशिप खत्म करने का फैसला किया है। 2024 के अंत में शुरू हुआ यह ऐतिहासिक सफर अब आपसी सहमति के साथ संपन्न हो गया है।

90 मीटर का ऐतिहासिक बैरियर टूटा

नीरज चोपड़ा और ज़ेलेज़नी की जोड़ी ने कम समय में ही वो मुकाम हासिल किया जिसका इंतजार पूरा भारत कर रहा था। 2025 की दोहा डायमंड लीग में नीरज ने पहली बार 90 मीटर का आंकड़ा पार कर अपने करियर का नया रिकॉर्ड बनाया। नीरज ने हमेशा ज़ेलेज़नी को अपना आदर्श माना है, और उनके मार्गदर्शन में यह उपलब्धि हासिल करना उनके लिए एक सपना सच होने जैसा था।


नीरज ने क्या कहा? (The Learning Experience)

पार्टनरशिप खत्म होने पर नीरज चोपड़ा ने ज़ेलेज़नी के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा:

“यान के साथ काम करने से मेरी सोच के नए रास्ते खुले। तकनीक, लय (rhythm) और मूवमेंट को लेकर उनकी समझ अविश्वसनीय है। हर सेशन में मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है।”


यान ज़ेलेज़नी का फीडबैक और भविष्य की उम्मीदें

वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर (98.48m) ज़ेलेज़नी ने भी नीरज की जमकर तारीफ की। उन्होंने बताया कि टोक्यो (विश्व चैंपियनशिप/प्रतियोगिता) से ठीक 12 दिन पहले लगी पीठ की चोट (Back Injury) ने नीरज की संभावनाओं को प्रभावित किया, वरना नतीजे और भी बेहतर हो सकते थे।

ज़ेलेज़नी ने कहा: “नीरज जैसे एथलीट के साथ काम करना शानदार अनुभव रहा। मुझे खुशी है कि हमने साथ काम किया और मैंने उन्हें पहली बार 90 मीटर के पार पहुंचाया। हमारा रिश्ता मानवीय तौर पर भी बहुत गहरा है, और हम भविष्य में भी मिलते रहेंगे।”


अब आगे क्या? (Mission 2028 Olympics)

नीरज चोपड़ा अब अपनी कोचिंग की दिशा खुद तय करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने पिछले कई वर्षों में दुनिया के बेहतरीन मेंटर्स से जो सीखा है, अब वे उसे अपने अभ्यास में ढालेंगे।

  • तैयारी शुरू: नीरज ने नवंबर की शुरुआत से ही अपना अभ्यास शुरू कर दिया है।

  • अगला लक्ष्य: साल 2026 की प्रतियोगिताओं के साथ-साथ उनका मुख्य फोकस 2027 की वर्ल्ड चैंपियनशिप और 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक पर है।


यान ज़ेलेज़नी: क्यों खास थे नीरज के लिए?

ज़ेलेज़नी सिर्फ एक कोच नहीं बल्कि जवलिन के भगवान माने जाते हैं।

  • 3 बार के ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट (1992, 1996, 2000)।

  • 3 बार के वर्ल्ड चैंपियन।

  • दुनिया के टॉप 9 बेस्ट थ्रो में से 5 रिकॉर्ड उनके नाम हैं।

अन्य खबरें खबरें और भी हैं...