इंग्लैंड की टेस्ट टीम की कप्तानी दोबारा संभालते ही जो रूट ने बड़ा फैसला लिया है। रूट ने टीम से नाइट कर्फ्यू हटाने का ऐलान किया है। अब खिलाड़ी होटल से बाहर जा सकेंगे और टेस्ट मैच जीतने के बाद अपनी खुशी भी खुलकर मना सकेंगे।
हालांकि, रूट ने साफ किया है कि खिलाड़ियों को मिली इस आजादी के साथ जिम्मेदारी भी निभानी होगी। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर्स को बच्चों की तरह सख्त नियमों में बांधने के बजाय उनसे वयस्कों की तरह जिम्मेदार व्यवहार की उम्मीद की जानी चाहिए।
बेन स्टोक्स के संन्यास के बाद 35 वर्षीय जो रूट को इंग्लैंड का टेस्ट कप्तान बनाया गया है। कप्तान के तौर पर उनकी पहली बड़ी चुनौती 19 अगस्त से पाकिस्तान के खिलाफ शुरू होने वाली तीन मैचों की टेस्ट सीरीज होगी।
दरअसल, एशेज सीरीज के दौरान इंग्लैंड के कुछ खिलाड़ियों के देर रात तक शराब पीने और कैसीनो जाने की खबरों के बाद ईसीबी ने नाइट कर्फ्यू लागू किया था। अब रूट ने इसे हटाने का फैसला किया है।
रूट ने खिलाड़ियों को संदेश देते हुए कहा, “वयस्कों की तरह व्यवहार कीजिए, अपना और एक-दूसरे का ख्याल रखिए।”
उन्होंने यह भी कहा कि टेस्ट मैच जीतने के बाद खिलाड़ी एक-दो ड्रिंक लेकर जश्न मनाना चाहते हैं तो इसमें कोई समस्या नहीं है। उनके मुताबिक, क्रिकेटर्स भी इंसान हैं और उन्हें जीत का जश्न मनाने की आजादी मिलनी चाहिए।
ईसीबी ने भी पुष्टि की है कि नाइट कर्फ्यू अब लागू नहीं रहेगा। इसकी जगह खिलाड़ियों के लिए स्पष्ट व्यवहार और अनुशासन के मानक तय किए जाएंगे।
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