घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 340 अंकों से अधिक टूटकर करीब 77,270 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 करीब 73 अंकों की गिरावट के साथ 24,070 के आसपास कारोबार करता नजर आया।
अमेरिका-ईरान तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 85 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई हैं। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई बढ़ने और कंपनियों की लागत में इजाफा होने की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
शेयर बाजार के साथ-साथ भारतीय रुपये पर भी दबाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में रुपया करीब 0.46 फीसदी कमजोर होकर पहली बार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96 के स्तर के पार पहुंच गया।
मंगलवार के शुरुआती कारोबार में आईटी, ऑटो, मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली। 16 में से 15 सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। इसके अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी रही। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.21 फीसदी, निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.41 फीसदी और निफ्टी 500 में 0.32 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
आज के कारोबार में टाटा एलेक्सी, एचसीएल टेक, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी, बायोकॉन और स्पाइसजेट के शेयर निवेशकों के रडार पर रह सकते हैं।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल वैश्विक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतें शेयर बाजार की दिशा तय करेंगी। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े निवेश फैसले लेने से बचना चाहिए। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर नजर रखते हुए चरणबद्ध तरीके से निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है।
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