देश की आधी आबादी के लिए आज ऐतिहासिक दिन है क्योंकि आज लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर शाम 4 बजे वोटिंग होगी। इससे पहले नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर गुरुवार देर रात तक संसद सत्र जारी रहा। संसद में देर रात तक महिलाओं के आरक्षण, संविधान संशोधन और परिसीमन से जुड़े तीन बिलों पर चर्चा चलती रही। कई बार लोकसभा की कार्यवाही बढ़ाई गई। पहले सदन की कार्यवाही पहले रात 11 बजे तक बढ़ाई गई। इसके बाद 12 बजे तक, फिर 1 बजे तक और आखिर में सांसदों के बोलने तक चलती रही। इस दौरान सदन में बड़ी संख्या में सांसद मौजूद रहे और बिल पर हो रही चर्चा में हिस्सा लिया।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने महिला सांसदों की भागीदारी और मौजूदगी की तारीफ की। उन्होंने कहा, ”महिला आरक्षण बिल पर प्रतिबद्धता देखो, इतनी देर रात तक महिलाएं सदन में बैठी हैं। सदन में गिनती कर लो, आज पुरुषों का समय नहीं है।” सदन की कार्यवाही के दौरान एक-एक महिला सांसदों से पूछ-पूछकर उन्हें बोलने का मौका दिया गया।
लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार इस बिल के जरिए संविधान को खत्म करना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार यह विधेयक लाई है क्योंकि वह OBC को भागीदारी नहीं देना चाहती है। प्रियंका ने कहा, ”2011 की जनगणना को परिसीमन का आधार बनाकर पीएम मोदी ओबीसी वर्ग का हक छीनना चाह रहे हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी ऐसा कभी नहीं होने देगी।” उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी ने जिस ”राजनीति की बू” का जिक्र किया, वह इस विधेयक में पूरी तरह घुली हुई है।
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