तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय एक बार फिर अपने अलग अंदाज़ को लेकर चर्चा में हैं। इस बार वजह कोई बड़ी राजनीतिक घोषणा नहीं, बल्कि एक छोटा लेकिन प्रतीकात्मक बदलाव है। विजय ने अपनी वीआईपी कुर्सी के पीछे लगे सफेद तौलिये को हटाकर लंबे समय से चली आ रही “तौलिया संस्कृति” को खत्म करने की पहल की है।
दरअसल, जलवायु कार्यकर्ता लिसिप्रिया कंगुजम ने उनसे सरकारी दफ्तरों में वीआईपी कल्चर को कम करने और सादगी को बढ़ावा देने की अपील की थी। इसके बाद विजय का यह कदम सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। लोग इसे दिखावे से दूर सादगी, समानता और बदलाव की सोच से जोड़कर देख रहे हैं।
कई यूजर्स का कहना है कि नेताओं को जनता से जुड़ने के लिए ऐसे छोटे लेकिन असरदार संदेश देने चाहिए। वहीं कुछ लोग इसे सिर्फ प्रतीकात्मक कदम बता रहे हैं, लेकिन फिर भी इस पहल की जमकर चर्चा हो रही है।
थलपति विजय का यह कदम अब सिर्फ एक कुर्सी से तौलिया हटाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वीआईपी संस्कृति और सरकारी सादगी पर नई बहस छेड़ चुका है