भोपाल के पास जगदीशपुर में एमडी ड्रग्स बनाने की अवैध फैक्ट्री दो महीने से चल रही थी। क्या फैक्ट्री को विदिशा के रज्जाक खान नाम के व्यक्ति ने एक किराए के घर में शुरू किया था। रज्जाक ने ये मकान खरीदने का सौदा भी किया था और ₹1.25 लाख एडवांस देकर सितंबर में बाकी पैसा देने का वादा किया था। फिर उसने यहीं एमडी ड्रग्स बनाना शुरू कर दिया। लेकिन असल मास्टरमाइंड तो विदेश में है।
राजस्व खुफिया निदेशालय ने जगदीशपुर में छापा मार कर 61.2 किलोग्राम एमडी ड्रग्स की कीमत ₹92 करोड़ जब्त की और 2 लोगों को गिरफ्तार किया। इसके अलावा यूपी, महाराष्ट्र, मुंबई और सूरत में भी छापेमारी करके 5 और लोग पकड़े गए।
10 महीने पहले भी पकड़ी गई थी फैक्ट्री
अक्टूबर 2024 में भी बगरोदा इंडस्ट्रियल एरिया, भोपाल में एक अवैध एमडी ड्रग्स फैक्ट्री पकड़ी गई थी। महाराष्ट्र के नासिक का सान्याल बने और भोपाल के केमिस्ट अमित चतुवेर्दी ने मिलकर फैक्ट्री चलाई थी। उस वक्त इसका एनसीबी ने गुजरात एटीएस के साथ मिलकर खुलासा किया था।
फैक्ट्री को छुपाने का तरीका
डीआरआई ने अभी जिस इस्लामपुरा के घर में फैक्ट्री पकड़ी है, उसके चारों ओर स्टील शीट लगा कर उसे निर्माणाधीन दिखाया गया था। योजना ये थी कि कोई वहां तक पहुंच न पाए। लेकिन यूपी के बस्ती जिले का एक ड्रग पेडलर पकड़ा गया था, जिसने डीआरआई को इस फैक्ट्री के बारे में बता दिया। वही मुंबई से भोपाल तक एमडी ड्रग्स के लिए केमिकल और कच्चे माल की आपूर्ति करता था। उसके खुलासे के बाद ही छापेमारी हुई और फैक्ट्री का पर्दाफाश हो गया।
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