घरेलू ऑटो दिग्गज टाटा मोटर्स (Tata Motors) एक बार फिर निवेशकों और मार्केट एनालिस्ट्स के रडार पर है। लंबे समय तक चली सुस्ती (Downcycle) के बाद अब कंपनी का कमर्शियल व्हीकल (CV) बिजनेस फिर से रफ्तार पकड़ता दिख रहा है। ब्रोकरेज फर्म InCred Equities ने टाटा मोटर्स पर अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट में इसे ‘Add’ रेटिंग दी है और शेयर के लिए ऊपर का नया टारगेट प्राइस जारी किया है।
InCred Equities की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2024 से जुलाई 2025 तक चला कमर्शियल व्हीकल सेक्टर का बुरा दौर अब खत्म हो चुका है। रिपोर्ट के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
GST कटौती का जादू: टायर, लुब्रिकेंट्स और स्पेयर पार्ट्स पर GST दरों में कमी से छोटे ट्रांसपोर्टरों की परिचालन लागत (Operating Cost) कम हुई है।
पेबैक पीरियड में कमी: लागत घटने से ट्रक का पेबैक पीरियड 4-6 महीने कम हो गया है, जिससे नए ट्रकों की मांग में तेजी आई है।
डबल डिजिट ग्रोथ: लाइट कमर्शियल व्हीकल (LCV) और हेवी ट्रकों (MHCV) के सेगमेंट में सितंबर-नवंबर 2025 से शानदार रिकवरी देखी जा रही है।
ब्रोकरेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 (FY26) में CV इंडस्ट्री की वॉल्यूम ग्रोथ 10% रहेगी, जो वित्त वर्ष 2027 (FY27) में बढ़कर 16% तक पहुंच सकती है। इस रिकवरी का सबसे बड़ा फायदा टाटा मोटर्स को मिलने की उम्मीद है क्योंकि कंपनी का ब्रांड रिकॉल और प्रोडक्ट पोर्टफोलियो अन्य प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले काफी मजबूत है।
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