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दिवाली से पहले शेयर बाजार में ऐतिहासिक तेजी, निवेशकों की दौलत 29.57 लाख करोड़ रुपये बढ़ी
बिज़नेस 12 1 day ago

दिवाली से पहले भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। सेंसेक्स और निफ्टी लगातार 7 कारोबारी सत्रों तक बढ़त के साथ बंद हुए। इस दौरान सेंसेक्स में 10.6 प्रतिशत यानी 7,782 अंकों की तेजी दर्ज की गई। पिछले 35 साल में दिवाली से पहले सेंसेक्स की यह सबसे बड़ी तेजी है। वहीं, निफ्टी भी 10.27 प्रतिशत चढ़ा। बाजार की इस तेजी से निवेशकों की संपत्ति में करीब 29.57 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ।

शुक्रवार को भी बाजार में तेजी का सिलसिला जारी रहा। सेंसेक्स 1,718 अंक यानी 2.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 81,028.02 अंक पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 494 अंक यानी 2.01 प्रतिशत चढ़कर 25,030.35 अंक पर पहुंच गया। दोनों प्रमुख इंडेक्स करीब 8 महीने के उच्चतम स्तर पर बंद हुए। सेंसेक्स ने 80,000 और निफ्टी ने 25,000 का स्तर फिर से पार कर लिया।

इस सप्ताह सेंसेक्स में 8.8 प्रतिशत और निफ्टी में 8.6 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। फरवरी 2021 के बाद यह दोनों इंडेक्स का सबसे अच्छा साप्ताहिक प्रदर्शन रहा।

निवेशकों की संपत्ति में 29.57 लाख करोड़ का इजाफा

28 अक्टूबर से शुरू हुई लगातार 7 कारोबारी सत्रों की तेजी के दौरान बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप बढ़कर 503.11 लाख करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान बाजार पूंजीकरण में करीब 29.57 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। इससे निवेशकों की संपत्ति में भी बड़ा इजाफा हुआ।

शेयर बाजार में तेजी की 5 बड़ी वजहें

1. विदेशी निवेशकों की वापसी: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने भारतीय शेयर बाजार में करीब 49,500 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। इससे बाजार को मजबूती मिली।

2. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 20 प्रतिशत तक की गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया। इससे भारत जैसी तेल आयात करने वाली अर्थव्यवस्था को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी।

3. अमेरिकी चुनाव के नतीजे: अमेरिका के मिडटर्म चुनाव के नतीजों के बाद निवेशकों को अमेरिकी व्यापार और विदेश नीति में संभावित बदलाव की उम्मीद दिखाई दी। इससे वैश्विक बाजारों की धारणा प्रभावित हुई।

4. रुपये में मजबूती: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में मजबूती देखने को मिली। शुक्रवार को रुपया करीब 93.90 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया, जो 22 अप्रैल के बाद इसका मजबूत स्तर था।

5. बैंकिंग शेयरों में तेजी: बाजार की तेजी में बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों के शेयरों का बड़ा योगदान रहा। इस सप्ताह वित्तीय क्षेत्र में 10.4 प्रतिशत और निजी बैंकों के शेयरों में 9.1 प्रतिशत की तेजी आई।

AI शेयरों में गिरावट का भारतीय बाजार पर सीमित असर

अमेरिका और एशिया के कई बाजारों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। निवेशकों को चिंता है कि AI पर कंपनियों का भारी खर्च भविष्य में कितना मुनाफा दे पाएगा।

इसका असर दक्षिण कोरिया, जापान और ताइवान के शेयर बाजारों पर भी पड़ा। हालांकि, भारतीय बाजार पर इसका असर तुलनात्मक रूप से सीमित रहा। शुक्रवार को निफ्टी IT इंडेक्स में भी 0.4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

आगे कैसा रह सकता है बाजार?

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, निफ्टी के लिए 24,500 का स्तर महत्वपूर्ण रहेगा। इसके ऊपर बने रहने पर इंडेक्स 25,200 से 25,500 के दायरे तक पहुंच सकता है। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, रुपये की मजबूती और विदेशी निवेशकों की खरीदारी बाजार को आगे भी सहारा दे सकती है।

हालांकि, निवेशकों को बाजार की उतार-चढ़ाव भरी चाल को देखते हुए सावधानी बरतने और मजबूत कंपनियों पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है।

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