नई दिल्ली: Indian Army ने अपनी ड्रोन युद्ध क्षमता को मजबूत करने के लिए Tata Advanced Systems Ltd (TASL) और Nibe Defence के साथ कुल ₹1,577 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट साइन किए हैं। इन करारों के तहत सेना को 840 स्वदेशी लॉन्ग-रेंज वन-वे अटैक ड्रोन यानी loitering munitions मिलेंगे।
ये ड्रोन भारी jamming और spoofing जैसी इलेक्ट्रॉनिक बाधाओं का सामना करने के लिए डिजाइन किए गए हैं। इनका इस्तेमाल सीमा के पार दुश्मन के artillery और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकेगा।
यह Indian Army की fast-track procurement procedure के तहत ऐसे सिस्टम की पहली बड़ी खरीद बताई जा रही है। इस प्रक्रिया के जरिए महत्वपूर्ण सैन्य उपकरणों की खरीद को तेजी से पूरा किया जाता है।
कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार, सेना को अगले 12 महीनों के भीतर इन long-range loitering munitions को शामिल करने की योजना है। रिपोर्ट के मुताबिक, fast-track procurement के तहत कॉन्ट्रैक्ट साइन होने के करीब छह महीने के भीतर सप्लाई शुरू होने की उम्मीद है।
यह सौदा भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक और आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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