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संसद का मॉनसून सत्र खत्म, 12 बिल पास लेकिन 9 पर सांसदों ने नहीं की चर्चा
राजनीति 11 3 days ago

संसद का मॉनसून सत्र खत्म हो गया है, लेकिन इस दौरान हुई संसदीय बहस को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, सत्र के दौरान 12 सरकारी बिल पास हुए, लेकिन इनमें से 9 बिल ऐसे रहे जिन पर मंत्री के अलावा किसी अन्य सांसद ने चर्चा नहीं की।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि 487 सांसदों में से 430 सांसदों ने किसी भी सरकारी बिल पर अपनी बात नहीं रखी। यानी बड़ी संख्या में सांसदों ने कानून बनाने की प्रक्रिया में बहस और चर्चा में हिस्सा नहीं लिया।

संसद में बहस का स्तर क्यों चिंता का विषय

संसद में किसी बिल पर चर्चा का उद्देश्य उसके प्रावधानों, संभावित प्रभाव और कमियों पर विस्तार से विचार करना होता है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद बहस के जरिए अलग-अलग दृष्टिकोण सामने रखते हैं। इसके बाद ही कानून को अंतिम रूप दिया जाता है।

लेकिन अगर ज्यादातर सांसद किसी बिल पर चर्चा में हिस्सा ही नहीं लेते, तो सवाल उठता है कि कानून बनाने की प्रक्रिया में संसदीय बहस और सांसदों की भूमिका कितनी प्रभावी रह गई है।

आंकड़े क्या बताते हैं

मॉनसून सत्र के दौरान 12 बिल पास हुए। इनमें से 9 बिल ऐसे थे जिन पर मंत्री के अलावा किसी सांसद ने चर्चा नहीं की। वहीं 487 सांसदों में से 430 सांसदों ने किसी सरकारी बिल पर अपनी बात नहीं रखी।

इन आंकड़ों ने संसद में सांसदों की भागीदारी, कानूनों पर होने वाली चर्चा और संसदीय लोकतंत्र की गुणवत्ता को लेकर बहस छेड़ दी है।

सवाल यही है कि जब संसद कानून बनाने की सबसे महत्वपूर्ण संस्था है, तो वहां बिलों पर सांसदों की भागीदारी और बहस इतनी कम क्यों हो रही है।

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