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CBSE OSM विवाद: राहुल गांधी ने लगाए गंभीर आरोप, कहा- मोबाइल से स्कैन हुईं उत्तर पुस्तिकाएं, लाखों छात्रों के भविष्य
राजनीति 6 9 hours ago

सीबीएसई (CBSE) की ऑनलाइन स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi ने अब इस मामले में केंद्र सरकार और सीबीएसई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि कक्षा 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करने के लिए पेशेवर स्कैनरों की जगह मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया गया, जिससे लाखों छात्रों के परिणाम प्रभावित हुए हो सकते हैं।

राहुल गांधी ने उठाए टेंडर प्रक्रिया पर सवाल

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि मई 2025 में जारी सीबीएसई के टेंडर में उत्तर पुस्तिकाओं को ऑटोमैटिक रोबोटिक स्कैनर से 300 DPI रिजॉल्यूशन पर स्कैन करने की शर्त थी।

हालांकि, अगस्त में जारी संशोधित टेंडर में इन तकनीकी शर्तों को हटा दिया गया। राहुल गांधी का आरोप है कि टेंडर की शर्तों में बदलाव कर एक विशेष कंपनी को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई।

उन्होंने कहा कि धुंधली कॉपियां, गायब पेज और बिना स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं कोई सामान्य त्रुटि नहीं बल्कि खराब प्रणाली और कथित अनियमितताओं का परिणाम हैं।

मोबाइल फोन से स्कैनिंग के आरोप

इस विवाद को और हवा तब मिली जब युवा शोधकर्ता सार्थक सिद्धांत और एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी ने OSM पोर्टल से जुड़े कई स्क्रीनशॉट और दस्तावेज सार्वजनिक किए।

सार्थक सिद्धांत ने दावा किया कि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियों में ड्रॉप शैडो और फोल्ड मार्क्स दिखाई दे रहे हैं, जो आमतौर पर मोबाइल फोन से खींची गई तस्वीरों में पाए जाते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पेशेवर स्कैनरों का उपयोग हुआ था तो ऐसी खामियां कैसे दिखाई दे रही हैं।

लाखों छात्रों के परिणामों पर उठे सवाल

सीबीएसई ने पहली बार देशभर में ऑनलाइन स्क्रीन मार्किंग प्रणाली लागू की थी। इसका उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना था। लेकिन परिणाम घोषित होने के बाद हजारों छात्रों ने कम अंक, धुंधली स्कैन कॉपियां, गायब पेज और गलत उत्तर पुस्तिकाएं अपलोड होने जैसी शिकायतें दर्ज कराईं।

कुछ छात्रों ने दावा किया कि उन्हें दिखाई गई उत्तर पुस्तिकाएं उनकी थीं ही नहीं। एक छात्र के मामले में सीबीएसई ने बाद में उत्तर पुस्तिका बदलने की गलती स्वीकार भी की।

पास प्रतिशत में भी आई गिरावट

इस वर्ष कक्षा 12वीं का पास प्रतिशत 85.2 प्रतिशत रहा, जो पिछले वर्ष के 88.39 प्रतिशत से कम है। साथ ही कंपार्टमेंट मामलों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कई छात्रों ने विशेष रूप से फिजिक्स, केमिस्ट्री और गणित जैसे विषयों में अपेक्षा से काफी कम अंक मिलने की शिकायत की।

पोर्टल की सुरक्षा पर भी सवाल

एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी ने दावा किया कि OSM पोर्टल में गंभीर सुरक्षा खामियां मौजूद थीं, जिनका फायदा उठाकर कोई भी व्यक्ति उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपियां डाउनलोड कर सकता था।

शुरुआत में आरोपों को खारिज करने के बाद सीबीएसई ने हाल ही में स्वीकार किया कि पोर्टल से जुड़े एक सिस्टम में सुरक्षा संबंधी कमजोरियां थीं। इसके बाद साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों, सरकारी एजेंसियों और IIT विशेषज्ञों की मदद से सुरक्षा मजबूत करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

राहुल गांधी ने इस पूरे मामले को लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा बताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि यदि मूल्यांकन प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।

फिलहाल इस मामले को लेकर देशभर के छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता का माहौल बना हुआ है और सभी की नजर सीबीएसई की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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