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OpenAI के नए Images 2.0 मॉडल के लॉन्च के कुछ ही हफ्तों में भारत इसके लिए सबसे बड़ा बाजार बनकर उभरा है। Mint की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय यूजर्स इस मॉडल का इस्तेमाल सिर्फ इमेज एडिटिंग तक सीमित नहीं रख रहे, बल्कि इसे क्रिएटिव और सांस्कृतिक एक्सप्रेशन के लिए भी तेजी से अपना रहे हैं।
OpenAI के अनुसार, भारत में खासतौर पर युवा यूजर्स Images 2.0 का उपयोग अपनी पहचान, स्टाइल और ऑनलाइन स्टोरीटेलिंग को एक्सप्लोर करने के लिए कर रहे हैं। कंपनी ने बताया कि यहां यूजर्स वर्क या प्रोडक्टिविटी से ज्यादा पॉप कल्चर और सेल्फ-एक्सप्रेशन से जुड़े कंटेंट पर फोकस कर रहे हैं।
Images 2.0 के इस्तेमाल में भारत में कई दिलचस्प ट्रेंड सामने आए हैं:
इसके अलावा, भारत में Y2K-इंस्पायर्ड रोमांटिक पोर्ट्रेट्स और सिनेमैटिक कोलाज भी तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं।
OpenAI का यह नया मॉडल पहले के वर्जन से काफी एडवांस है। इससे पहले GPT-4o के साथ इमेज जनरेशन फीचर ने भारत में काफी लोकप्रियता हासिल की थी, जहां यूजर्स बिना किसी एक्सटर्नल टूल के सीधे ChatGPT में इमेज बना और एडिट कर सकते थे।
हालांकि, बाद में Google के Gemini मॉडल ने बेहतर स्पीड और फीचर्स के साथ कड़ी टक्कर दी। इसके बाद OpenAI ने Images 1.5 लॉन्च किया, लेकिन वह उतना सफल नहीं रहा।
अब Images 2.0 में कंपनी ने बेहतर reasoning capabilities जोड़ी हैं, जिससे यह यूजर के प्रॉम्प्ट को और बेहतर तरीके से समझकर रिजल्ट देता है। साथ ही, यह मॉडल रियल-टाइम वेब डेटा का भी उपयोग करता है।
सबसे खास बात यह है कि इसे भारतीय यूजर्स के लिए ऑप्टिमाइज़ किया गया है, जिससे हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में भी सटीक टेक्स्ट और विजुअल्स बनाए जा सकते हैं।
यह ट्रेंड दिखाता है कि भारत अब जनरेटिव AI के लिए एक अहम बाजार बन चुका है। यहां के यूजर्स का व्यवहार और क्रिएटिविटी अब ग्लोबल टेक कंपनियों के प्रोडक्ट डेवलपमेंट को भी प्रभावित कर रही है।
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